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तुम बिन

By SHYAM NARAYAN RANGA - Wednesday, July 1, 2015 No Comments
ये रचना मैंने 6.3.94 को लिखी जब मैं राजस्थान बाल मंदिर स्कूल में सीनियर हायर सैकेण्डरी वाणिज्य वर्ग का विद्यार्थी था। उस समय मेरी उम्र 18 साल की थी और मेरी यह रचना जब मैंने आज देखी पढ़ी तो मेरे मन मंे आया कि शायद कोई  था जिसके लिए यह रचनाएं लिखी गई होगी। उम्मीद है पंसद आएगी और नहीं भी आए तो पढ़ लेना भाई शायद खुद को स्कूल का समय याद आ जाए।

Shyam Narayan Ranga
श्याम नारायण रंगा ‘अभिमन्यु’


आपको नहीं देखा तो हमको चैन नहीं आया,
एक दिन भी ये दिल आप बिन रह नहीं पाया।
क्या जादू कर दिया है आपने हम पे,
कब्जा कर लिया है आपने मेरे दिल पे।
दिन, दोपहर और रात का आभास ही नहीं हो पाया,
एक दिन भी ये दिल आप बिन रह नहीं पाया।
आपसे बातें करूं यही चाहता है दिल,
कुछ सोचकर घबराता भी है दिल।
आपसे बस इतना ही पूछना चाहता है दिल,
कैसे कटते हैं आपके रात दोपहर और दिन।
आपके जबाब का इंतजार हम करेंगे,
उस एक जबाब पर जान हम दे देंगे।


श्याम नारायण रंगा ‘अभिमन्यु’
नत्थूसर गेट के बाहर
पुष्करणा स्टेडियम के पास
बीकानेर {राजस्थान} 334004
मोबाईल 9950050079

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