भारत के संविधान के अनुच्छेद 112 के अन्तर्गत बजट पेश किया जाता है। इसके अनुसार शासकीय आय व्यय का लेखा जोखा सरकार संसद के पटल पर प्रस्तुत करे।
- भारत में बजट पद्धति की शुरूआत करने का श्रेय ब्रिटीश भारत के पहले वायसराय लार्ड केनिंग को जाता है जो 1856 से 1862 तक भारत के वायसराय रहे।
- भारत का पहला बजट जेम्स विल्सन ने वायसराय परिषद में 18 फरवरी 1860 को पेश किया था।
- जेम्स विल्सन को भारतीय बजट पद्धति का संस्थापक कहा जाता है।
- आजादी के पहले भारतीय प्रतिनिधियों को बजट भाषण पर बहस करने का अधिकार नहीं था।
- 1920 तक केन्द्र स्तर पर केवल एक ही बजट बनता था । सर्वप्रथम 1921 में पहली बार सामान्य बजट से रेल बजट को अलग किया गया तब से अब तक रेल बजट अलग ही पेश होता है।
बजट वित्तमंत्री लोकसभा में ही पेश करता है और बाद में इसे राज्य सभा में भी रखा जाता है।
- बजट हमेशा फरवरी के अंतिम तारीख को ही संसद के पटल पर रखा जाता है क्योंकि वित्तिय वर्ष अप्रेल से शुरू होता है और बजट पर चर्चा होनी होती है इसलिए इस चर्चा के लिए एक माह का समय मिल जाता ह।
- बजट की तारीख राष्ट्रपति तय करता है और यह फरवरी माह की अंतिम तारीख होती है बशर्ते उस दिन कोई सरकारी अवकाश न हो।
- बजट भाषण पढने के लिए लोकसभा अध्यक्ष वाकायदा वित्तमंत्री को आमंत्रित करते हैं और सुबह के 11 बजे वित्तमंत्री अपना बजट भाषण शुरू करते हैं।
- अगर बजट प्रस्ताव संसद में पारित न हो सके तो इसका मतलब सरकार के गिराने से लगाया जाता है और प्रधानमंत्री को ऐसी स्थिति में अपना स्तीफा देना पडता है।
- स्वतन्त्र भारत का पहला बजट 26 नवम्बर 1947 को पेश किया गया था । यह एक अंतरिम बजट था। इसे आर के षणमुगम चेट्टी ने पेश किया था।
- भारतीय संसद में सबसे ज्यादा बार बजट पेश करने का रिकार्ड मोरारजी देसाई के नाम है। इन्होंने दस बार बजट पेश किया था।
- यशवंत सिन्हा ने सात बार बजट पेश किया है।
- प्रणव मुखर्जी, पी. चिदम्बरम, सीडी देशमुख ने छः बार बजट पेश किया है।
- इंदिरा गाँधी एक मात्र महिला है जिन्होने भारतीय संसद में बजट पेश किया था। यह बजट 1970 में इमरजेंसी के समय पेश किया था।
- अंग्रेजों के राज में बजट शाम को पॉच बजे पेश करने की परम्परा थी । क्योंकि उस समय भारत अंग्रेजों के गुलाम था और यह बजट इंग्लैण्ड में सुना जाता था इसलिए यहाँ शाम होती थी वहाँ सुबह रहती थी। इस परम्परा को आजादी के बाद भी निभाया गया था परन्तु प्रथम बार 1999-2000 में यशवंत सिंहा ने सुबह के समय बजट पेश किया।
- बजट पेश करने का दायित्व वित्त मंत्रालय का ही होता है। इसलिए देश का वित्तमंत्री ही बजट पेश करता है।
- पहले बजट दो भागों में होता था पार्ट ए और पार्ट बी । दूसरा भाग जनता से जडा होता था परन्तु अब यह बजट भाषण एक ही भाग में होता है।
संकलनकर्त्ता:-
श्याम नारायण रंगा ’अभिमन्यु‘ (shyam NARAYAN Ranga)
पुष्करणा स्टेडियम के पास, नत्थूसर गेट के बाहर, बीकानेर
पुष्करणा स्टेडियम के पास, नत्थूसर गेट के बाहर, बीकानेर

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